vitamins chart in hindi – विटामिन चार्ट और All about vitamins in hindi

नमस्कार दोस्तों , आज के आर्टिकल मेहम vitamins chart in hindi के बारे मे बात करेंगे जिसमे में आपको विटामिन के बारे वो सारी जानकारी दूंगा जो आपके लिए जानना जरूरी है।

vitamins chart in hindi
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विटामिन्स के बारे में जानना इसी लिए ज़रूरी है क्यों की शरीर में विटामिन्स की कमी होने पर कई बीमारिया हो सकती होइ और उन बीमारियों के गंभीर लक्षणों का सामना हमें करना पर सकता है। तो उनसे बचने के लिए ये जानना बोहत ज़रूरी है की खाने विटामिन मिलेगा ता की सभी विटामिन्स की मात्रा हमारी बॉडी में हो और हम तंदुरस्त जीवन जी सके।

वैसे अगर विटामिन्स की बात करे तो यह एक बड़ा विशाल टॉपिक है जिसके बारे में एक छोटे आर्टिकल में बताना मुश्किल है और इसीलिए यह आर्टिकल थोड़ा बड़ा होगा और इसीलिये हमने आपको vitamins chart in hindi आपको दिया है जिससे आपके लिए विटामिन्स को समझना आसान हो जाए।
तो विटामिन के प्रकार से लेकर विटामिन की कमी के लक्षण तक की सभी इम्पोर्टेन्ट जानकारियों के लिए लेख को ज़रूर पढ़ें। आशा करता हूँ आप हमारा यह आर्टिकल vitamins chart in hindi पूरा पढ़ेंगे।

विटामिन्स क्या होते है ?

स्वास्थ्य और रोग के बारे में हमारी समझ में विटामिन की खोज एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि थी। 1912 में कासिमिर फंक द्वारा विटामिन शब्द पहली बार प्रयोजा गया ।
विटामिन के खोज की शुरुआत उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में शुरू हुई और बीसवीं सदी के मध्य में पूरी हुई।

Vitamin शब्द असल में vita और amine से बना है और उसका मतलब होता है की जीवन के लिए आवश्यक।
विटामिन की परिभाषा की बात करे तो विटामिन ऐसे कार्बनिक यौगिक हैं जो कि हमारे शरीर को कामकाज करने चाहे कम मात्रा में ही सही पर चाहिए होते है।
जितने हमें नॉर्मल जीवन के लिए ज़रूरी होते है उतने विटामिन हमारी बॉडी नहीं बना सकती है जिस वजह से हमें यह बहार से यानी की भोजन के द्वारा लेने पड़ते है।
विटामिन से होने वाले लाभ की बात करे तो विटामिन से हमें हृदय रोग , उच्च कोलेस्ट्रॉल लेवल , त्वचा विकार , नेत्र विकार , और साथ ही साथ कई और भी समस्याओ का इलाज विटामिन्स की अच्छी मात्रा लेने से हो सकता है।

विटामिन की लाक्षणिकता :

विटामिन खाद्य पदार्थों के प्राकृतिक घटक हैं और ज्यादातर बहुत कम मात्रा में मौजूद होता है।
विटामिन्स सामान्य और जरूरी शारीरिक क्रिया जैसे की वृद्धि , प्रजनन के लिए बेहद आवश्यक होते है।
आहार में विटामिन की कमी होने पर, किसी रोग का कारण बन सकते है।

विटामिन के प्रकार :

विटामिन को हम दो प्रकार में विभाजित कर सकते है।

  1. पानी में घुलनशील विटामिन (Water Soluble Vitamin)
  2. चर्बी में घुलनशील विटामिन (Fat Soluble Vitamin)

पानी मे घुलनशील विटामिन मतलब ऐसे विटामिन जो पानी में घुल सकते है। और यह विटामिन की विशेषता यह है की ये शरीर में जमा नहीं होते है।
यह कई पौधों और जानवरों के खाद्य पदार्थों और आहार में पाए जाते हैं और इन्हें दैनिक रूप से लिया जाना चाहिए। विटामिन सी और विटामिन B complex के सदस्य पानी में घुलनशील हैं। विटामिन B और C Water Soluble Vitamin है।

जैसे की नाम से ही पता चल रहा है , चर्बी में घुलनशी विटामिन मतलब ऐसे विटामिन जो चर्बी में धूल सके। एक विटामिन जो चर्बी और तेलों में घुल सकता है और साथ ही साथ अवशोषित होते हैं और शरीर के फैट टिस्यू और यकृत में जमा हो जाते हैं।
Fat Soluble Vitamin कई पौधों और जानवरों के खाद्य पदार्थों और पूरक आहार में पाए जाते हैं। विटामिन ए, डी, ई और के Fat Soluble Vitamins है।
वैसे हमें पता है की कुल विटामिन की संख्या 13 है और यह सब विटामिन ऊपर दी गए प्रकार के अंदर आ जाते है जैसे की विटामिन B(और B समूह के सभी सदस्य) विटामिन C Water Soluble Vitamin और विटामिन A,D,E,K Fat soluble vitamin है।
अब हम इस सारे विटामिन्स के बारे में एक एक कर चर्चा करेंगे और लास्ट में आपको में एक all vitamin chart in hindi(विटामिन चार्ट) दूंगा।

All about vitamins in hindi

अब हम 13 विटामिन्स के बारे एक एक कर चर्चा करेंगे।

1. विटामिन A

खोज : विटामिन A की खोज साल 1913 में हुई थी।

रासायनिक नाम : विटामिन ए का रासायनिक नाम रेटिनॉल है। इसे antixerophthalmic विटामिन भी कहते है।

विटामिन A के बारे में :
विटामिन A आँखों के लिए बेहद आवश्यक होता है। साथ ही संक्रमणीय रोगो से बचने में भी यह विटामिन मदद करता है। विटामिन A शरीर के कई अंग जैसे की बाल, त्वचा, नाखून, ग्रंथि, दाँत, मसूड़ा को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।
विटामिन A की कमी की वजह से होने वाली सबसे बड़ी प्रॉब्लम है की रात में दिखाई न देना जिसे हम इंग्लिश में नाईट ब्लाइंडनेस कहते है।
बच्चो के विकाश के लिए भी विटामिन A अति आवश्यक है क्यों की इसकी कमी पर बच्चो का विकाश धीरे हो जाता है।
बालो और त्वचा के लिए भी यह ज़रूरी है वार्ना स्किन ड्राई होने लगती है।

विटामिन A हमें पत्तेदार हरी सब्जियां (केल, पालक, ब्रोकली), नारंगी ,गाजर, शकरकंद, कद्दू ,टमाटर,लाल शिमला मिर्च,खरबूजा, आम,मछली के तेल, दूध,अंडे जैसी चीज़ो में यह विटामिन की अच्छी मात्रा पाई जाती है।

2. विटामिन B1

खोज : इसकी खोज साल 1910 में हुई थी।

रासायनिक नाम : विटामिन B1 का रासायनिक नाम थायमिन है।

विटामिन B1 के बारे में :
यह विटामिन अलग अलग प्रकार के enzyme का उत्पादन करता है जो रक्त में से शुगर को ब्रेकडाउन करने का काम करता हैं।
विटामिन B1 शरीर को कार्बोहाइड्रेट्स को एनर्जी के रूप में कार्बोहायड्रेट का उपयोग करने में सक्षम बनाता है।
यह ग्लूकोज के पाचन के लिए आवश्यक है, और यह तंत्रिका, मांसपेशियों और हृदय के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह विटामिन रक्त परिसंचरण , मस्तिष्क के विकास , बेरीबेरी , हृदय रोग , खाना न पचना जैसी समस्याए होने से रोकता है।
साथ में यह विटामिन की कमी चिड़चिड़ापन,हृदय संबंधी समस्या,यादास कमजोर हो जाना,कमजोरी होना,थकावट होना जैसी चीज़ो का कारन बन सकती है।

यह विटामिन खमीर, मांस, अनाज के दाने, सूरजमुखी के बीज, ब्राउन राइस, साबुत अनाज राई, शतावरी, केल, फूलगोभी, आलू, संतरे, और अंडे जैसी चीज़ो में मिलता है।

3. विटामिन B2

खोज : यह विटामिन की खोज 1920 में हुई थी।

रासायनिक नाम: विटामिन B 2 का रासायनिक नाम राइबोफ्लेविन है।

विटामिन B 2 के बारे में :
विटामिन B2 आठ B विटामिनों में से एक है जो मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यह अनाज, पौधों और डेयरी उत्पादों में पाया जा सकता है।
विटामिन बी 2 प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने में मदद करता है और शरीर की ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता अदा करता है।
यह विटामिन खाद्य घटकों को तोड़ने, अन्य पोषक तत्वों को अवशोषित करने और ऊतकों(Tissue)को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
लोगों को हर दिन विटामिन बी 2 का सेवन करना चाहिए क्यों की हमारा शरीर इस विटामिन की बोहत कम मात्रा स्टोर कर सकता है।
राइबोफ्लेविन कुछ खाद्य पदार्थों में नैचरल रूप से होता है, और कई खाद्य पदार्थो में जोड़ा जाता है,और इसे पूरक के रूप में लिया जा सकता है।विटामिन B 2 का ज्यादातर भाग छोटी आंत(Small Intestine) में अवशोषित हो जाता है।
राइबोफ्लेविन कार्बोहाइड्रेट को एडीनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) में बदलने में मदद करता है और ATP एनर्जी प्रोड्यूस करता है जिसकी बॉडी को ज़रुरत होती है।

यह विटामिन अंडे , मछली , दूध से बानी चीज़े , एवोकेडो , किशमिश , लाल मिर्च , चिकन, मशरूम , स्वीट पोटैटो , साबुत अनाज की ब्रेड जैसी चीज़ो में पाया जाता है।

4. विटामिन B3

खोज : इसकी खोज 1936 में हुई थी।

रासायनिक नाम : विटामिन B 3 का रासायनिक नाम नियासिन है।

विटामिन B 3 :
विटामिन B 3 एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है ,आपके शरीर के हर हिस्से को ठीक से काम करने के लिए इसकी जरूरत होती है।
कोलेस्ट्रॉल को कम करने और मस्तिष्क के कार्य(Brain Functions) को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।
शरीर में नियासिन की मुख्य भूमिका एंजाइम निकोटीनैमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड (NAD) और निकोटीनैमाइड एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड फॉस्फेट (NADP) को संश्लेषित करना है, जो आपके शरीर में 400 से अधिक जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं में शामिल होता है।
इस विटामिन की कमी की वजह से जीभ लाल होना , उलटी होना , कब्ज़ , डिप्रेशन , थकान , सरदर्द , भूख में कमी इत्यादि चीज़े हो सकता है।
यह विटामिन ब्लड प्रेशर लेवल को कम रखने में मदद मिलती है , स्किन क्वालिटी में सुधार होना , ब्रेन फंक्शन को बढ़ावा मिलाना जैसे फायदे हो सकते है।

विटामिन B 3 हमें चिकन , ब्राउन राइस , पीनट्स , आलू इत्यादि चीज़ो में से मिलता है।

5. विटामिन B5

खोज : विटामिन B5 की खोज 1931 में हुई थी।

रासायनिक नाम : विटामिन B 5 का रासायनिक नाम पैंथोथेटिक एसिड है।

विटामिन B5 के बारे में :
यह विटामिन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण विटामिनों में से एक है। यह रक्त कोशिकाओं को बनाने के लिए आवश्यक है, और यह आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन को एनर्जी में बदलने में आपकी मदद करता है।
विटामिन B काम्प्लेक्स का यह सदस्य स्वस्थ त्वचा, बाल और आंखें, तंत्रिका तंत्र और यकृत का उचित कार्य,स्वस्थ पाचन तंत्र,रेड ब्लड सेल्स का निर्माण और सेक्स और तनाव से संबंधित हार्मोन बनाने में भी यह आपकी मदद करता है।
वैसे ज्यादातर इस विटामिन की कमी देखि नहीं जाती है पर अगर यह विटामिन की कमी होती है तो थकान, अनिद्रा, अवसाद, चिड़चिड़ापन, उल्टी, पेट दर्द, पैरों में जलन और ऊपरी श्वसन संक्रमण जैसी दिक्कते आ सकती है।

यह विटामिन हमें ब्रोकोली, गोभी, सफेद और मीठे आलू, दलिया , दूध से बानी चीज़े , अंडे , मशरूम ,नट्स बीन्स वगेरे मेसे मिल सकता है।

6. विटामिन B6 :

खोज : इसकी खोज 1934 में हुई थी।

रासायनिक नाआम : विटामिन B6 का रासायनिक नाम पाइरोडोक्सिन है।

विटामिन B6 के बारे में :
पाइरिडोक्सल 5′ फॉस्फेट (PLP) और पाइरिडोक्सामाइन 5′ फॉस्फेट (PMP) विटामिन बी6 के सक्रिय कोएंजाइम रूप हैं।
यह पानी में घुलनशील विटामिन है और कई खाद्य पदार्थों में नेचरल रूप से पाया जाता है, साथ ही खाद्य पदार्थों और पूरक आहार में भी ऐड किया जाता है।
विटामिन B6 100 से अधिक एंजाइम प्रतिक्रियाओं में शामिल होने के साथ प्रोटीन को पचाने के लिए भी उतना ही इम्पोर्टेन्ट है।
ब्रेन हेल्थ को बढ़ावा दे सकता है और अल्जाइमर के जोखिम को कम करता है।
स्टडीज बताती हैं कि विटामिन बी 6 की खुराक प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षणों को कम कर सकती हैं।
मूड में सुधार और तनाव को कम करने के लिए भी विटामिन B6 बोहत ज़रूरी है।

यह विटामिन मांस, आलू और अन्य स्टार्च वाली सब्जियां, और फल (खट्टे के अलावा), मछली , टोफू जैसी चीज़ो है।

7. विटामिन B7 :

खोज : विटामिन B7 की खोज 1936 में हुई थी।

रासायनिक नाम : इस विटामिन का रासायनिक नाम बायोटिन है।

विटामिन B7 के बारे में :
यह विटामिन कुछ खाद्य पदारच में नेचुरल रूप से पाया जाता है और कई सप्लीमेंट में इसे ऐड भी किया जा सके।
बायोटिन भोजन में फैट, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को तोड़ने के लिए एंजाइमों की मदद करता है और इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बालो के जड़ने के इलाज में , त्वचा और नाखुनो को अच्छा और बेहतर बनाने के लिए यह विटामिन बोहत उपयोगी है और बायोटिन की कमी निश्चित रूप से बालों के झड़ने और त्वचा या नाखून की समस्याओं का कारण बन सकती है।
ज्यादातर होता नहीं है पर फिर भी हो सकता है की गर्भवती महिलाओं में बायोटिन की कमी होजाए। शिशु के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए, गर्भावस्था के दौरान बायोटिन और फोलिक एसिड युक्त प्रसवपूर्व विटामिन ले सकते है।

यह अंडे , मास ,अवोकेडो ,सैल्मन , स्वीट पोटेटो , नट्स , सीड्स जैसी चीज़ो में पाया जाता है।

8. विटामिन B9 :

खोज : इसकी खोज 1941 में हुई थी।

रासायनिक नाम : विटामिन B 9 का रासायनिक नाम फोलेट या फोलिक एसिड है।

विटामिन B9 :
सभी बी विटामिन शरीर को भोजन (कार्बोहाइड्रेट) को ईंधन (ग्लूकोज) में बदलने में मदद करते हैं, जिसका उपयोग ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जाता है और यह विटामिन भी उससे अलग नहीं है।
फोलिक एसिड बी 9 का सिंथेटिक रूप है, जो पूरक और मजबूत खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जबकि फोलेट खाद्य पदार्थों में नेचरल रूप से होता है।
फोलिक एसिड ब्रेन फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण है और मानसिक और इमोशनल हेल्थ के लिए भी उतना ही ज़रूरी है।
विटामिन बी9 , विटामिन बी6 और बी12 और अन्य पोषक तत्वों के साथ काम करके अमीनो एसिड होमोसिस्टीन के रक्त स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
विटामिन B9 धीमा ग्रोथ ,जीभ की सूजन,मसूड़े की सूजन , भूख में कमी , दस्त , चिड़चिड़ापन जैसी चीज़ो का कारण बन सकती है।

विटामिन B9 विटामिन पालक, पत्तेदार साग,एस्परैगस, बीट,सोयाबीन , जड़ वाली सब्जियां , गेहूं के बीज, राजमा , एवोकाडो, दूध जैसी चीज़ो में पाया जाता है।

9. विटामिन B12 :

खोज : विटामिन B12 की खोज 1948 में की गई थी।

रासायनिक नाम : इस विटामिन का रासायनिक नाम कोबालामिन्स है।

विटामिन B12 के बारे में :
यह एनिमल प्रोडक्ट में नेचुरल रूप से पाया जाता है, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों में भी जोड़ा जाता है।
आपके शरीर में विटामिन बी12 की कई भूमिकाएँ हैं। यह आपके तंत्रिका कोशिकाओं को नार्मल रखता है और रेड ब्लड सेल्स निर्माण और डीएनए संश्लेषण के लिए बेहद ज़रूरी है।
हड्डी के स्वास्थ्य को बढ़ाता है और ऑस्टियोपोरोसिस को रोक सकता हैं।
मूड को अच्छा करने में और तनाव को कम करने के लिए भी यह विटामिन बोहत ज़रूरी है।
विटामिन बी12 आपके शरीर में ऊर्जा उत्पादन करता है और दिमागी कार्य को भी बेहतर बनाने में आपकी मदद करता है।
होमोसिस्टीन को कम करके हृदय स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है और स्वस्थ विटामिन बी12 का स्तर आपके बालों, त्वचा और नाखूनों के लिए महत्वपूर्ण है।
भोजन के इस्तेमाल से यह विटामिन लेने का प्रयास कीजिए अगर नहीं ले पा रहे हो तो इसका सप्लीमेंट लेना आपके लिए B12 का स्टार बढ़ाने का आसान तरिका है।

यह विटामिन चिकन, फिश, अंडे, दूध से बने प्रोडक्ट इत्यादि चीज़ो में से आप ले सकते हो।

10. विटामिन C :

खोज : विटामिन C की खोज 1920 में हुई थी।

रासायनिक नाम : इस विटामिन का रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक एसिड है।

विटामिन C के बारे में :
बिटामिन C ऐसा विटामिन है जो आपकी बॉडी अपने आप प्रोड्यूस नहीं कर सकती इसके बावजूद इसके कई लाभ है।
यह विटामिन का दैनिक सेवन महिलाओं के लिए 75 मिलीग्राम और पुरुषों के लिए 90 मिलीग्राम जितना होना चाहिए।
डॉक्टर के द्वारा सलाह दी जाती है की जितना हो सके आप इस विटामिन को भोजन के द्वारा लेने का प्रयास कीजिए लेकिन अगर भोजन से नहीं हो पा रहा है तो आप इसका सप्लीमेंट भी ले सकते हो।
विटामिन सी एक स्ट्रांग एंटीऑक्सीडेंट है जो आपके रक्त में एंटीऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ा कलर रखता है और यह हृदय रोग जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए ये विटामिन आपकी मदद कर सकता है।
विटामिन सी कई एंटीऑक्सिडेंट में से एक है जो हानिकारक अणुओं से होने वाले नुकसान से बचाता है जिन्हें फ्री रेडिकल्स कहा जाता है, साथ ही जहरीले रसायनों और सिगरेट के धुएं जैसे प्रदूषकों से भी कर रखता है।

जैसे हम सब को पता है खट्टे फल(जैसे की संतरे , अंगूर वगेरा ) से विटामिन C को ले सकते है साथ ही साथ स्ट्रॉबेरीज,काली मिर्च ,ब्लैक करंट , ब्रोकोली , आलू , टमाटर , ब्रसल स्प्राउट जैसी चीज़ो में से हम इसे ले सकते है।

11. विटामिन D :

खोज : विटामिन D की खोज साल 1920 में की गई थी।

रासायनिक नाम : इस विटामिन का रासायनिक नाम कैल्सिफेरॉल्स है।

विटामिन D के बारे में :
विटामिन D आपकी बॉडी सूर्य के संपर्क में आने से बनाती है पर फिर भी इस विटामिन को खाने की कई चीज़ो के द्वारा या फिर सप्लीमेंट के द्वारा भी आप ले सकते है।
विटामिन D पाचन तंत्र के लिए भी आवश्यक विटामिन है साथ में दिल से जुड़े रोगो से बचने के लिए भी आपकी मदद कर सकता है।
ड्डियों के लिए भी यह विटामिन बेहद आवश्यक है।
विटामिन D की कमी की वजह से ऑस्टियोपोरोसिस, थकान, मांसपेशी में कमज़ोरी, myalgias, मांसपेशियों में दर्द या जोड़ों में अकड़न जैसी दिक्कते आ सकती है और अगर विटामिन D की कमी लम्बे वक्त के लिए रहती है तो गंभीर समस्याओ का सामना भी करना पड़ सकता है।

यह विटामिन धुप से तो मिलता ही है साथ ही साथ अंडे का पीला भाग, मछली के तेल, विटामिन डी युक्त दूध और मक्खन जैसी चीज़ो से भी मिल सकता है।

12. विटामिन E :

खोज : विटामिन E की खोज साल 1920 में की गई थी।

रासायनिक नाम : इस विटामिन का रासायनिक नाम टोकोफेरोल है।

विटामिन E के बारे में :
विटामिन ई कुछ खाद्य पदार्थों में नैचरल रूप से मौजूद होता है, जिसमें बीज, नट्स, कुछ सब्जियां और कुछ फोर्टिफाइड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। आप इसे आहार के रूप में भी ले सकते हैं।
यह विटामिन हमारे शरीर में कई भूमिकाए निभाता है।
यह विटामिन अपनी एंटीऑक्सीडेंट इफ़ेक्ट के लिए जाना जाता है , ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकता है और एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा में सुधार करता हैं।
हृदय से जुडी बीमारियों का खतरा कम करता है।
एक्जिमा जैसे कुछ त्वचा रोगो के लिए विटामिन E मददगार हो सकता है।
डॉक्टर्स के द्वारा पुरुषों के लिए प्रति दिन 4mg और महिलाओं के लिए प्रति दिन 3mg जितना विटामिन E लेने की सलाह दी जाती है।
विटामिन ई की आपके शरीर को तत्काल आवश्यकता नहीं होती है, भविष्य में उपयोग के लिए उसे आपकी बॉडी स्टोर करती है इसलिए आपको हर दिन अपने आहार में इसकी आवश्यकता नहीं होती है।

विटामिन E सूरजमुखी के बीज, बादाम , पीनट्स , अवोकेडो ,वनस्पति तेल (जैसे रेपसीड (वनस्पति तेल), सोया, मक्का और जैतून का तेल), दाने और बीज, अनाज और अनाज उत्पाद में पाया जाता हैं।

13. विटामिन K

खोज : विटामिन K की खोज 1929 में की गई थी।

रासायनिक नाम : विटामिन K का रासायनिक नाम फिनोक्विनोलोन है।

विटामिन K के बारे में :
विटामिन K के दो मुख्य प्रकार हैं , विटामिन K1 और विटामिन K2
विटामिन K ब्लड क्लॉटिंग के लिए जाना जाता है , क्लॉटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जो शरीर के अंदर और बाहर अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने में मदद करती है।
क्लॉटिंग प्रक्रिया के दौरान जो प्रोटीन रक्त को रोकने के लिए काम करते है उसका उत्पादन करने के लिए आपके शरीर को विटामिन के की आवश्यकता होती है। यदि आप में विटामिन K की कमी है,
तो आपके शरीर में इन प्रोटीनों की पर्याप्त मात्रा नहीं है। विटामिन K की कमी का स्पष्ट संकेत है की ज्यादा खून का बहना। (जब थोड़ा सा लग जाने पर बोहत ज्यादा खून बह जाता है तो आपमें विटामिन K की कमी है )
साथ ही यह विटामिन हड्डियों के लिए , हृदय के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बोहत आवश्यक है।

यह विटामिन हमे ब्रोकोली , चिकन , ग्रीन बीन्स , कीवी ,अवोकेडो , पत्ता गोभी , बटर , क्रीम जैस चीज़ो से हमें मिल सकता है।

All Vitamins Chart In Hindi (विटामिन चार्ट)

तो दोस्तों , हमने सारे विटामिन्स को इस तरह से आपको समझाया है की आपको विटामिन की पूरी जानकारी हो गई है , अब हम आपको शॉर्ट एंड सिंपल विटामिन चार्ट के द्वारा समझने की कोशिश करेंगे जिससे आपके लिए विटामिन्स को समझना और भी आसान हो जाए ,
और हाँ ये Vitamins Chart In Hindi hd हमने ही तैयार किया है जिसमे हमने सारी जानकारी हिंदी में दी हुई है।

VitamisSourcesDeficiency Disoerder
Vitamin A(रेटिनॉल)दूध , अंडा , मूंगफली , पनीर , मछलीअंधापन ,
Vitamin B1(थायमिन)दरियाई खोराक(Sea food) , अंडे , स्प्राउट्सबेरीबेरी
Vitamin B2(राइबोफ्लेविन)मांस , हरी शब्जी , दूधजीभ फटना, लाल आँखें, फटी त्वचा
Vitamin B3(नियासिन)टमाटर ,आलू, मूंगफली , मांस , दूधपेलाग्रा
Vitamin B5(पेंटोथेनिक एसिड)मशरुम ,मछली , अंडे , मांस , सूरजमुखी के बीज , स्वीट पोटेटोपरसथेनिया
Vitamin B6(पाइरोडोक्सिन)अनाज , मांस , कोडलीवर ऑइलएनीमिया
Vitamin B7(बायोटिन)मांस , अंडे , कोडलीवर ऑइलपक्षाघात, बालों का झड़ना
Vitamin B9(फोलिक एसिड)हरी शब्जी , बीट , खट्टे फलएनीमिया
Vitamin B12(साइनोकोबेलामाइन) मांस , दूधएनीमिया
Vitamin C(एस्कॉर्बिक एसिड)सभी खट्टे फलस्कर्वी
Vitamin D(कैल्सिफेरॉल्स)सूर्यप्रकाश , दूध , केले रिकेट्स
Vitamin E(टोकोफेरोल)हरी शब्जी , दूध , माखननपुंसकता , महिलाओं में बांझपन
Vitamin K(फिनोक्विनोलोन)टमाटर , हरी सब्जिअनियमित और धीमी गति से खून बहना और थक्का जमना
Vitamins Chart In Hindi hd

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तो दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल All vitamins chart in hindi यहाँ पर समाप्त होता है , इस आर्टिकल में हमने जितना हो सके सभी विटामिन के बारे में सारी जानकारी आपको देने की कोशिश की है।
अगर आप को यह आर्टिकल vitamins chart in hindi को लेकर कोई भी प्रकार की समस्या है तो आप हमारा कांटेक्ट लार सकते हो या फिर इस विषय पर हमें कुछ सजेसन देना चाहते हो तो भी दे सकते हो।
आशा करता हूँ आपको हमारा आर्टिकल vitamins chart in hindi पसंद आया होगा। पढ़ने के लिए धन्यवाद।

Sources :

www.healthline.com , www.nccih.nih.gov

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